न्याय - संपूर्ण प्रश्नोत्तर (Class 5 Hindi Chapter 9)
✦ पाठ का सारांश ✦
यह नाटक राजकुमार सिद्धार्थ की दयालुता और न्यायप्रियता को दर्शाता है। एक शाम जब सिद्धार्थ अपने बगीचे में बैठे थे, तो उनके चचेरे भाई देवदत्त ने एक हंस को तीर से घायल कर दिया। हंस सिद्धार्थ की गोद में आ गिरा। सिद्धार्थ ने उसका तीर निकालकर उसकी जान बचाई। देवदत्त ने आकर हंस पर अपना अधिकार जताया क्योंकि उसने शिकार किया था। सिद्धार्थ ने कहा कि 'बचाने वाले का अधिकार मारने वाले से अधिक होता है' और हंस देने से मना कर दिया। मामला महाराज शुद्धोदन के पास गया, जहाँ मंत्री के सुझाव पर हंस को स्वयं निर्णय करने का मौका दिया गया। हंस उड़कर सिद्धार्थ की गोद में चला गया और इस प्रकार न्याय हुआ।
✦ नए शब्द, उनके अर्थ और अंग्रेज़ी अर्थ ✦
| शब्द | हिंदी अर्थ | English Meaning |
|---|---|---|
| न्याय | सही फैसला | Justice |
| राज-उद्यान | राजा का बगीचा | Royal Garden |
| व्याकुल | बेचैन, उत्सुक | Anxious, Eager |
| अचरज | आश्चर्य, हैरानी | Surprise |
| नियत | तय, निश्चित | Fixed, Destined |
| राजहंस | एक सुंदर पक्षी | Royal Swan |
| करुणा | दया | Compassion |
| निर्दयी | जिसके मन में दया न हो | Cruel |
| अनुराग | प्रेम, स्नेह | Affection |
| आखेट | शिकार | Hunt |
| शरणागत | शरण में आया हुआ | One who seeks refuge |
| स्तंभित | हैरान, अवाक् | Stunned |
| विवश | मजबूर, लाचार | Helpless |
| सजल | आँसुओं से भरा हुआ | Tearful |
| उल्लास | बहुत ज़्यादा खुशी | Jubilation |
✦ अभ्यास के प्रश्नोत्तर (सभी पेजों के हल) ✦
बातचीत के लिए (पेज 110)
1. जब शाम होती है तो आपको प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
उत्तर: जब शाम होती है तो सूरज पश्चिम में छिप जाता है, आसमान में लालिमा छा जाती है, पक्षी अपने घोंसलों की ओर लौटने लगते हैं और धीरे-धीरे अँधेरा होने लगता है।
2. क्या आपने कभी किसी पशु-पक्षी को बचाया है? उनसे जुड़ा कोई अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, एक बार मेरे घर के आँगन में एक कबूतर घायल होकर गिर गया था। मैंने उसे उठाकर पानी पिलाया और उसके घाव पर मरहम लगाया। कुछ देर बाद वह ठीक होकर उड़ गया।
3. यदि आप मंत्री के स्थान पर होते तो न्याय कैसे करते?
उत्तर: यदि मैं मंत्री के स्थान पर होता, तो मैं भी यही देखता कि पक्षी किसके पास खुशी से रहता है। बचाने वाले का अधिकार मारने वाले से हमेशा बड़ा होता है, इसलिए मैं भी हंस सिद्धार्थ को ही देता।
सोचिए और लिखिए (पेज 110)
1. हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने क्या किया?
उत्तर: हंस को घायल देखकर सिद्धार्थ ने उसे अपनी गोद में उठाया, बहुत प्यार से सहलाया और उसके शरीर में लगा हुआ तीर बाहर निकाला। फिर उन्होंने अपने मित्र को राजवैद्य से मरहम लाने के लिए भेजा।
2. अंततः हंस सिद्धार्थ को ही क्यों मिला?
उत्तर: अंततः हंस सिद्धार्थ को ही मिला क्योंकि बचाने वाले का अधिकार मारने वाले से बड़ा होता है। जब हंस को स्वयं फैसला करने का मौका दिया गया, तो वह डरकर देवदत्त के पास नहीं गया और उड़कर सिद्धार्थ की गोद में आ गया।
3. कहानी को अपने ढंग से प्रवाह चार्ट के रूप में लिखिए-
- सिद्धार्थ व उसके सखा का प्रकृति को निहारना।
- देवदत्त द्वारा हंस को तीर मारना।
- घायल हंस का सिद्धार्थ की गोद में गिरना।
- सिद्धार्थ द्वारा हंस का उपचार करना।
- देवदत्त का हंस पर अधिकार जताना।
- मामले का महाराज की सभा में पहुँचना।
- मंत्री का सुझाव और हंस द्वारा स्वयं न्याय करना।
- हंस का सिद्धार्थ को मिलना।
बातचीत के लिए (पेज 110)
3. यदि आप मंत्री के स्थान पर होते तो न्याय कैसे करते?
उत्तर: यदि मैं मंत्री के स्थान पर होता, तो मैं भी यही देखता कि पक्षी किसके पास खुशी से और सुरक्षित महसूस करता है। बचाने वाले का अधिकार मारने वाले से हमेशा बड़ा होता है, इसलिए मैं भी हंस सिद्धार्थ को ही सौंपता।
4. इस नाटक में सभी पात्र पुरुष हैं। यदि किन्हीं दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना हो तो आप किन्हें बदलकर प्रस्तुत करना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर: यदि किन्हीं दो पात्रों को महिला पात्र के रूप में प्रस्तुत करना होता, तो मैं सिद्धार्थ के 'सखा' (मित्र) को एक सहेली के रूप में और 'मंत्री' को एक महिला मंत्री के रूप में प्रस्तुत करना चाहूँगा। इससे कहानी में लैंगिक समानता का एक अच्छा संदेश भी मिलता।
अनुमान और कल्पना (पेज 111)
1. जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने आपस में क्या बातें की होंगी?
उत्तर: उसके अन्य साथियों ने घबराकर कहा होगा, "देखो, हमारे साथी को तीर लग गया! जल्दी भागो, नहीं तो शिकारी हमें भी मार देगा। बेचारा, उसे कितनी चोट लगी होगी!"
2. हंस देवदत्त के पास उड़कर क्यों नहीं गया?
उत्तर: हंस देवदत्त के पास इसलिए नहीं गया क्योंकि देवदत्त ने उसे तीर मारकर घायल किया था। वह देवदत्त से डर गया था और उसे पता था कि सिद्धार्थ ने उसकी जान बचाई है, इसलिए वह सिद्धार्थ के पास सुरक्षित महसूस कर रहा था।
4. एक रात सिद्धार्थ मीठी नींद सो रहे हैं। उनके सपने में हंस आता है और सिद्धार्थ के साथ न्याय वाले दिन का अपना अनुभव सुनाता है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि हंस ने सिद्धार्थ से क्या-क्या बातें की होंगी?
उत्तर: सपने में हंस ने सिद्धार्थ से कहा होगा, "हे राजकुमार! मैं आपका धन्यवाद करने आया हूँ। आपने मेरी जान बचाई। जब देवदत्त मुझे बुला रहा था, तो मैं बहुत डर गया था, लेकिन आपकी आवाज में प्रेम और सुरक्षा का एहसास था। आपका हृदय बहुत कोमल है। मैं हमेशा आपका आभारी रहूँगा।"
भाषा की बात (पेज 111-112)
1. पाठ में आए अनुस्वार (ं) एवं चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों को खोजकर लिखिए।
अनुस्वार (ं) वाले शब्द: संध्या, रंगमंच, सुंदर, हंस, शांत।
चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द: रँभाने, आँखें, माँ, जाऊँगा, पहुँच।
2. रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) सूर्य का उदय पूर्व दिशा में और अस्त पश्चिम दिशा में होता है।
(ख) उसने मारा है परंतु मैंने बचाया है।
(ग) इस निर्दोष पक्षी को मारने वाला दोषी है।
(घ) इस जटिल समस्या का हल बहुत सरल है।
3. नीचे दिए गए चित्रों और शब्दों को जोड़कर मुहावरे/लोकोक्ति बनाइए।
(क) मगरमच्छ के आंसू बहाना।
(ख) आंख मिचौनी खेलना।
(ग) एक और एक ग्यारह।
(घ) अक्ल बड़ी या भैंस।
(ङ) बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद!
(च)नौ दो ग्यारह होना।
(छ) लाल पीला होना ।
(ज) दांतो तले उँगली दबाना।
(झ) पेट में चूहे कूदना ।
(ञ) सूरज को दिया दिखाना ।
पाठ से आगे - पत्र लेखन (पेज 113)
1. हंस वाली घटना के बाद सिद्धार्थ, देवदत्त को एक संदेश देना चाहते हैं। आपके अनुसार सिद्धार्थ ने देवदत्त को क्या संदेश लिखकर भेजा होगा?
प्रिय भाई देवदत्त,
आज सभा में जो हुआ, उससे मेरा मन दुखी है। मैं तुम्हें यह समझाना चाहता हूँ कि शिकार करना या किसी बेजुबान को कष्ट देना वीरता नहीं है। असली वीरता तो किसी असहाय की रक्षा करने और उसके प्राण बचाने में है।
वह हंस कितना निर्दोष और सुंदर था। हमें प्रकृति की हर रचना का सम्मान करना चाहिए। आशा है तुम मेरी बात को समझोगे और भविष्य में किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचाओगे।
तुम्हारा भाई,
सिद्धार्थ
अब आपकी बारी!
इस सुंदर कहानी को पढ़ने के बाद हमें कमेंट्स में बताइए:
1. इस नाटक में आपको सबसे अच्छा पात्र कौन लगा - सिद्धार्थ, देवदत्त या मंत्री? और क्यों?
2. आपके अनुसार 'न्याय' का असली मतलब क्या होता है?