बगीचे का घोंघा
नए शब्द (New Words)
| शब्द | हिंदी अर्थ | अंग्रेज़ी अर्थ |
|---|---|---|
| घोंघा | धीमा चलने वाला जीव | Snail |
| बगीचा | फूलों-पौधों की जगह | Garden |
| कोना-कोना | हर जगह | Every corner |
| छेद | छोटा गड्ढा | Hole |
| दुनिया | संसार | World |
| सामान | ज़रूरी चीज़ें | Belongings |
| चकित | आश्चर्यचकित | Amazed |
| मैदान | खुला स्थान | Field |
| ध्वनि | आवाज़ | Sound |
| पत्ता | पेड़ का पत्ता | Leaf |
| पत्थर | कठोर चीज़ | Stone |
| चींटी | छोटा कीड़ा | Ant |
| गिलहरी | फुर्तीला जानवर | Squirrel |
| लुढ़कना | घूमते हुए गिरना | Rolling |
| कुत्ता | पालतू जानवर | Dog |
| तेज़ी | गति | Speed |
| चक्कर | घूमने जैसा लगना | Dizziness |
| अद्भुत | आश्चर्यजनक | Wonderful |
| खजूर | लंबा पेड़ | Date Palm |
| बड़ | विशाल पेड़ | Banyan Tree |
बगीचे का घोंघा
प्रश्नों के उत्तर
1. यह कौन-सा जीव है?
यह घोंघा (Snail) है।
2. आपने इसे कहाँ देखा है?
मैंने इसे बगीचे और गीली ज़मीन पर देखा है।
3. आपने इसे किस मौसम में अधिक देखा है?
मैंने इसे वर्षा (बारिश) के मौसम में सबसे अधिक देखा है।
4. आपको अपने घर और विद्यालय में कौन-कौन से जीव दिखाई देते हैं?
मुझे अपने घर और विद्यालय में चींटी, मक्खी, मच्छर, तितली और छिपकली दिखाई देती हैं।
5. घोंघा उन जीवों से किस बात में भिन्न है?
घोंघा बहुत धीरे चलता है और उसके पास एक खोल (शंख) होता है जिसमें वह छिप जाता है। यह उसे अन्य जीवों से अलग बनाता है।
बगीचे का घोंघा
बातचीत के प्रश्न – उत्तर सहित
1. घोंघे को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?
घोंघा बहुत धीरे चलता था, इसलिए उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने में दो दिन लगते थे।
2. आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?
मैं पैदल / साइकिल / वैन / बस से विद्यालय जाता हूँ। मुझे वहाँ पहुँचने में लगभग 15-30 मिनट लगते हैं।
3. घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?
घोंघा जानना चाहता था कि बगीचे के बाहर की दुनिया कैसी है। वह कुछ नया देखना चाहता था।
4. आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?
मेरा पार्क, चिड़ियाघर, मेला, पहाड़ और समुद्र जैसे स्थानों पर जाने का मन करता है।
5. आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं?
मैं घूमने के लिए अपने माता-पिता, भाई-बहन या दोस्तों के साथ पार्क, मॉल और रिश्तेदारों के घर जाता हूँ।
B. पाठ के भीतर से प्रश्न
1. घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था? ☀
(क) उसे उद्यान में अच्छा नहीं लगता था।
(ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था। ✅
(ग) उसे उद्यान सुंदर नहीं लगता था।
(घ) उसे उद्यान बहुत छोटा लगता था।
2. घोंघे को बड़ा-सा पत्थर पहाड़ जैसा क्यों लगा होगा? ☀
(क) पत्थर पहाड़ की तरह बहुत ही बड़ा था।
(ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी। ✅
(ग) घोंघे को पत्थर पर चढ़कर दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।
(घ) पत्थर की आकृति पहाड़ जैसी थी।
3. घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा? ☀
(क) अपने लंबे-पतले पाँवों से आ-जा रहे लाल चींटें ✅
(ख) अपना शंख
(ग) पीपल का पेड़
(घ) हरी-हरी घास
4. घोंघे की आँखें आश्चर्य से क्यों खुली रह गईं? ☀
(क) उसके ऊपर एक बड़ा पत्ता गिरा।
(ख) वह उद्यान में एक नए कीट से मिला।
(ग) उसने पहली बार एक तालाब देखा।
(घ) उसने बड़ का एक पेड़ देखा। ✅
5. छेद से बाहर निकलते ही घोंघे का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनमें से कुछ वस्तुएँ छट गई हैं। उन्हें पूरा कीजिए:
मैदान, कुत्ता, गिलहरी, पत्थर, गेंद, बड़ का पेड़
बगीचे का घोंघा
सोचिए और लिखिए – उत्तर सहित
1. उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी बात याद आती थी?
घोंघे को अपनी माँ की बात याद आती थी, जिन्होंने उसे बताया था कि छेद के बाहर की दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है और वहाँ कभी मत जाना।
2. छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया?
क्योंकि उसने पहली बार बहुत बड़ा, खुला मैदान देखा जो बगीचे से बहुत अलग और बड़ा था।
3. घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?
क्योंकि बगीचे में सब शांत और धीमा था, जबकि बाहर की दुनिया तेज़ और चंचल थी – जैसे गिलहरी, गेंद, कुत्ता आदि।
4. घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या-क्या अद्भुत लगता है और क्यों?
मुझे अपने घर का बगीचा, विद्यालय का पुस्तकालय और आस-पास के पक्षी अद्भुत लगते हैं क्योंकि वे सुंदर और ज्ञानवर्धक हैं।
5. घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए –
| उद्यान के भीतर | उद्यान के बाहर |
|---|---|
| छोटा सुंदर बगीचा | बड़ा मैदान |
| पौधे और छोटे पेड़ | पत्थर (जो पहाड़ जैसा लगा) |
| शांति और धीमी गतिविधि | लाल चींटियाँ, गिलहरी |
| माँ की यादें | कुत्ता, गेंद, खजूर और बड़ का पेड़ |
भाषा की बात – उत्तर सहित
1. कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए –
- आश्चर्य: घोंघा पहली बार बाहर की दुनिया देखकर आश्चर्य में पड़ गया।
- अद्भुत: उसने कहा – "यह दुनिया कितनी अद्भुत है!"
- अचानक: अचानक उसके ऊपर एक सूखा पत्ता गिर गया।
- छोर: घोंघे को बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे।
2. जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने 'वाह!' न कहकर 'उई!' कहा। आपके मुँह से कब 'वाह' और 'उई' जैसे शब्द निकलते हैं?
- "वाह!" जब कोई चीज़ सुंदर या अच्छी लगती है – जैसे:
"वाह! कितना सुंदर फूल है।" - "उई!" जब डर या अचानक कुछ हो जाए – जैसे:
"उई! मुझे चूहे से डर लग रहा है।"
बगीचे का घोंघा
सोचिए और लिखिए
3. घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा?
घोंघा जब अपने बगीचे से बाहर निकल रहा था, तो उसने अपने शंख में ये चीज़ें बाँधी होंगी:
- फल
- पत्ते
- एक छोटा फूल
- थोड़ी मिट्टी
- बगीचे की एक प्यारी सी याद (जैसे एक कली या जड़ी)
- अपनी माँ की दी हुई कोई चीज़
बगीचे का घोंघा
मिलान कीजिए – घोंघे का कथन कब कहा गया?
| घोंघे का कथन | कब कहा? |
|---|---|
| "वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेज़ी से चलता है।" | जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कुत्ते को भागते हुए देखा। |
| "वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है।" | जब उसने बच्चों के खेलने का स्थान देखा। |
| "वाह! दुनिया तो कितनी मज़ेदार है।" | जब उस पर सूखा पत्ता गिरा। |
| "वाह! सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है।" | जब उसने बड़ का पेड़ देखा। |